सब्‍जी की सफल व्यावसायिक खेती के लिए गुणवत्‍तायुक्त रोपण सामग्री की उपलब्‍धता का होना काफी आवश्‍यक है। सामान्‍य रूप से, किसान अपने घर के पीछे में निजी उपयोग के लिए छोटी नर्सरियां तैयार करते हैं। तथापि, नाशीकीटों और रोग-प्रकोप, प्राकृतिक आपदा या आरंभिक चरणों पर पादपों की खेत में मृत्‍यु की स्थिति में, किसानों के पास नई नर्सरी तैयार करने के लिए पर्याप्‍त समय नहीं होता है। इस समस्‍या का समाधान करने के लिए स्‍व:सहायता समूह (एसएचजी) में किसान समूहों को संरक्षित स्थितियों के तहत वाणिज्यिक आधार पर गुणवत्‍तापूर्ण रोपण सामग्री की उत्‍पादन के लिए पॉलीहाउस/नेटहाउस उपलब्‍ध कराए गए। उन्‍हें आवश्‍यक उपकरणों, उपभोज्‍य वस्‍तुओं के साथ एक ढांचा उपलब्‍ध कराया गया और उन्‍हें मृदा विकिरणन, कलम लगाने, बुवाई करने, उर्वरीकरण, उभरी क्‍यारी बनाने, नाशीकीट एवं रोग प्रबंधन गतिविधियों, इत्‍यादि जैसी उन्‍नत नर्सरी प्रबंधन प्रौद्योगिकी के बारे में खेत में प्रशिक्षित किया गया।

कियोनझर जिले के पटना ब्‍लॉक के अंतर्गत पुरूनियां गांव में स्‍व:सहायता समूह, नामत: मां बसंत कुआंरी कृषक संघ ने टमाटर, बैगन, मिर्च, बंदगोभी, फूलगोभी, सहजन फली जैसी सब्‍जी फसलों और पपीते जैसी फल फसलों के लिए एक व्यावसायिक नर्सरी शुरू की। उन्‍हें परियोजना कार्मिकों द्वारा प्रशिक्षित किया गया और नियमित रूप से उनका मार्गदर्शन किया गया। यह स्‍व: सहायता समूह न केवल अपने लिए गुणवत्‍तापूर्ण रोपण सामग्री की आवश्‍यकता की पूर्ति करने में कामयाब हुआ है, अपितु यह आस-पास के गांवों की आवश्‍यकता की पूर्ति भी करता है। समूह ने 15,700 रूपयों की अतिरिक्‍त आय प्राप्‍त की। मौसम-दर-मौसम बढ़ती आय के साथ यह समूह क्षेत्र में सफलता का एक उदाहरण प्रस्‍तुत करने के प्रति आश्‍वस्‍त है।

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