यह टमाटर की पत्ती मोड़क रोग (टीवाय 2 + टीवाय 3 ), जीवाणु झुलसा, अगेती अंगमारी और पछेती अंगमारी (पीएच 2 + पीएच 3 ) जैसे रोगों की प्रतिरोध-क्षमता सहित उच्च उपजवाली एफ1 संकर किस्म है। पौधे अर्ध-नियत एवं गहरे हरे पत्तों वाले होते हैं। फल दृढ़, अण्डाकार गोल और मध्य बड़े (90-100 ग्रा.) होते हैं। गर्मी, खरीफ़ और रबी के मौसमों में खेती के लिए उपयुक्त। ताज़े रूप में बेचने के हिसाब से इसका प्रजनन किया गया है। उपज 140-150 दिनों में 70-75 टन/हे.।






