सूटी ब्‍लॉच और फ्लाईस्‍पेक (एसबीएफएस) द्वारा उत्‍पन्‍न आम कालापन रोग एक प्रकार की कॉस्‍मेटिक त्‍वचा समस्‍या है जो, आम के फल की सतह पर केवल कृत्रिम नुकसान उत्‍पन्‍न करता है। इस कालापन रोग को उत्‍पन्‍न करने वाला कवक उप-त्‍वचा की सतह पर पनपता है और फल को कोई नुकसान नहीं पहुंचाता है। लेकिन वाणिज्यिक आम उत्‍पादन की दृष्टि से यह एक नुकसान है क्‍योंकि कालापन रोग से प्रभावित आम फलों को ताजा बाजार ग्रेडों के अनुसार अस्‍वीकार कर दिया जाता है या उन्‍हें काफी कम मूल्‍यों पर खरीदा जाता है जिससे आम उत्‍पादकों और कारोबारियों को वित्‍तीय नुकसान झेलना पड़ता है। इस समस्‍या से निपटने के लिए भारत में वस्‍तुत: कोई भी प्रौद्योगिकी उपलब्‍ध नहीं है। 15 मिनटों तक 6.5pH में 1000 पीपीएम की दर से मैंगो वाश में आम को डुबोकर रखे जाने से फल के छिलके को कोई नुकसान पहुंचाए बिना, उसकी सतह से लगभग 95% काले धब्‍बे हटाए जा सकते हैं। इस फार्मूला का मूल्‍यांकन आम की पांच भिन्‍न किस्‍मों को (अल्‍फोंसो, नीलम, आम्रपाली, तोतापुरी और मेलिनेलियन) पर किया गया और उसे प्रभावकारी पाया गया।

Mango

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