Title
पत्तों के उपयोग से एंथूरियम के त्वरित बहुलीकरण के लिए सूक्ष्मप्रवर्धन
बैंगन व टमाटर की संकर बीजोत्पादन प्रौद्योगिकियाँ
पराग शीत बैंक की स्थापना की प्रौद्योगिकी
बागवानी जातियों के लिए इनविट्रो संरक्षण प्रविधियाँ
अनन्नास में विभिन्न कृषि-जलवायु परिस्थितियों के तहत सघन रोपाई की तकनीक विकसित की गई।
पपीते की कूर्ग हनी ड्यु किस्म में फल-उपज को बढाने के लिए 1.2 मी. x 1.8 मी. की दूरी ( 4629 पौधे/हे.) सर्वश्रेष्ठ है।
पपीते की कूर्ग हनी ड्यु किस्म के लिए द्विमासिक अंतराल में छह बराबर की मात्रा में 250 ग्रा. नत्रजन, 250 ग्रा. फास्फोरस और 500 ग्रा. पोटाश/पौधा/वर्ष का प्रयोग अनुशंसित है।
पपीते में पोषक तत्वों के निर्णय के लिए ऊपर से छठे पत्ते की पंखुड़ी उपयुक्त पाई गई।
डाटाबेस
परागण–नियंत्रण विधियों का उपयोग करते हुए सक्षम संकर बीजोत्पादन
केले का सूक्ष्मपोषक तत्व मिश्रण
सीजीएमएस वंशों का उपयोग करते हुए मिर्च की किस्म अर्का हरिता का संकर बीजोत्पादन
आम का सूक्ष्मपोषक तत्व मिश्रण
आम की फलमक्खी, बेक्ट्रोसेरा डोर्सालिस (हेंडेल) का समेकित प्रबंधन
नींबूवर्गीय फलों का सूक्ष्मपोषक तत्व मिश्रण
वार्षिक पुष्प फसलों में बीज-स्थापन को सुधारने की तकनीक
आम के तना बेधक के नियंत्रण के लिए हीलर व सीलर
दूधी खुम्ब की उत्पादन प्रौद्योगिकी
दुर्लभ, लुप्तप्राय व संकटग्रस्त औषधीय पौधों का प्रक्षेत्र जीन बैंक
सरदार अमरूद के लिए 900 ग्रा. नत्रजन + 600 ग्रा. फास्फोरस + 600 ग्रा. पोटाश/पेड़/वर्ष अनुशंसित है।
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